
धीरज कपूर, पब्लिक फोकस मंडी।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को मंडी ने तगडा झटका दिया है। मंडी के 23 स्कूलों में सीबीएसई की पढाई करवाने को हरी झंडी मिलते ही 12 हजार छात्रों ने इनका रूख कर लिया है। सीबीएसई की तरफ छात्रों के बढे इस रूझान से हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की स्कूली शिक्षा का पैटर्न सवालों के घेरे में आ गया है। इसके साथ ही सवाल यह भी खडा हुआ है कि राज्य के सरकारी स्कूली ढांचे को ठीक करने और शिक्षा पैटर्न को सीबीएसई के समकक्ष खडा करने से क्या सरकार पीछे हट रही है। प्रथम चरण में जिला मंडी के 23 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई के अधीन किया गया है। इनमें 12 हजार से अधिक बच्चे विभिन्न कक्षाओं में अभी तक दाखिला ले चुके हैं। मंडी जिला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भंगरोटू, मढ़ी, पनारसा, जोगिंदरनगर, करसोग, गोहर, मंडी, सरकाघाट, जंजैहली, सुंदरनगर, रिवालसर, गद्दीधार, मंडप, भराड़ी स्थित सज्जयाओपिपलू, चौंतड़ा, कोटली, बालीचौकी, पांगणा, पधर, तेबन, बलद्वाड़ा, भद्रवाड़ तथा कोलनी ढलवान में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया जारी है।
जोगिंद्रनगर और करसोग में आंकडा हजार पार
16 अप्रैल तक इन स्कूलों में 12,083 बच्चे प्रवेश ले चुके हैं। बलद्वाड़ा में 389, बालीचौकी में 769, भंगरोटू में 519, भराड़ी में 198, भद्रवाड़ में 160, चौंतडा 579, गद्दीधार 142, गोहर 655, जंजैहली 593, जोगिंदरनगर 1050, करसोग 1031, कोलनी ढलवान 187, कोटली 773, मंडप 432, मंडी 646, मढ़ी 274, पधर 592, पनारसा 506, पांगणा 624, रिवालसर 512, सरकाघाट 529, सुंदरनगर में 595 तथा तेबन में 328 बच्चों ने अभी तक प्रवेश लिया है।
बाल वाटिका में आया निखार
बाल वाटिका से जमा दो तक प्रवेश प्रक्रिया जारी है। छठी, नौवीं, दसवीं, जमा एक तथा जमा दो में प्रवेश का आंकड़ा एक हजार पार हो चुका है। जिला में बाल वाटिका एक में 226, बाल वाटिका दो में 341 तथा बाल वाटिका तीन में 344 नौनिहालों ने प्रवेश लिया है। प्रथम कक्षा में 483, दूसरी में 370, तीसरी में 238, चौथी में 487, पांचवीं में 492, छठी में 1028, सातवीं में 945, आठवीं कक्षा में 964, नौवीं में 1295, दसवीं में 1165 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। जमा एक में 1862 तथा जमा दो में 1873 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
भारी फीस से छुटकारा, सुलभ होगी शिक्षा
मंडी की आसमा फ़ातुन का कहना है कि उनका बच्चा पहले निजी स्कूल में पढ़ता था, जहां फीस बहुत अधिक थी, जिसे चुकता करने में सक्षम नहीं थे। मंडी की रहने वाली नगीना कुमारी का कहना है कि पहले बेटी का दाखिला एक प्राइवेट स्कूल में करवाया था। वहां फीस अधिक होने से आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब अपनी बेटी का दाखिला सरकारी स्कूल में करवा दिया है। इसी तरह मंडी की सुमन, कोटली के अरुण कुमार, पधर के राकेश, सुंदरनगर के नरेश, गोहर के चमन लाल ने भी सरकारी स्कूल में सीबीएसई पढाई भी हो जाएगी और फीस भी कम लगेगी।
अधिकारी का तर्क
बीजे स्कूल मंडी (सीबीएसई) के प्रधानाचार्य अशोक ठाकुर ने अभिभावकों का आह्वान किया कि वह अपने बच्चों के आधार और एसएलसी लेकर सीबीएसई पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं।
23 स्कूलों में प्रवेश 30 तक
उप निदेशक उच्च शिक्षा यशवीर धीमान का कहना है कि मंडी के 23 सरकारी स्कूलों में इस सत्र से सीबीएसई कक्षाएं शुरू की गई हैं। प्रवेश प्रक्रिया विलंब शुल्क के साथ 30 अप्रैल तक जारी है। सीबीएसई पैटर्न लागू होने के बाद इन स्कूलों में छात्र नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। किसी कक्षा में 40 से अधिक बच्चे होते हैं तो अलग से सेक्शन बनाया जाएगा। किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रखा जाएग




