
पब्लिक फोकस धर्मशाला।
धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि विधायक आशीष शर्मा के भाई एवं चाचा के खिलाफ फर्जी मामले दर्ज कर उन्हें फँसाने की साजिश अब पूरी तरह से उजागर हो चुकी है। यह घटनाक्रम प्रदेश में सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक द्वेष की पराकाष्ठा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में सबसे गंभीर और चिंताजनक तथ्य यह है कि पुलिस स्वयं ही शिकायतकर्ता भी है और वही पुलिस गवाह की भूमिका में भी सामने आ रही है। ऐसी स्थिति में निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद करना बेहद कठिन हो जाता है। यह न केवल न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी कमजोर करता है।
शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सुक्खू सरकार प्रदेश हितों को दरकिनार कर अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों को साधने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान विकास, रोजगार और जनकल्याण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से भटककर विरोधियों को दबाने और उन्हें झूठे मामलों में उलझाने पर केंद्रित हो गया है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश की जनता सब कुछ देख और समझ रही है। सत्ता के नशे में चूर यह सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता के हाथ में होता है। समय का पहिया निरंतर घूम रहा है और जो लोग आज सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं, उन्हें कल जनता के सामने जवाब देना पड़ेगा।
सुधीर शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की जागरूक जनता इस अन्याय और दमनकारी नीतियों का करारा जवाब देगी और ऐसी सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी, ताकि प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी शासन स्थापित हो सके।




