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नेरचौक मैडिकल कॉलेज में तबादले की ‘भूसल नाटी’!
निदेशक हैल्थ कर रहे मैडिकल एजुकेशन में ट्रांसफर। सीनियर असिस्टेंट के पद सभी भरे हुए और तबादला हो रहा खाली पोस्ट पर, नर्सिंग कॉलेज को हुआ तबादला ज्वाइनिंग करवा रहे मैडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल

पब्लिक फोकस शिमला।
हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के दो कैडर करने और दो ही निदेशक बनाए जाने के बाद भी नेरचौक मैडिकल कॉलेज में कर्मचारी के तबादले को लेकर भूसल नाटी पड़ी हुई है। निदेशक मैडिकल एजुकेशन के कैडर में भी निदेशक हैल्थ उस सूरत में तबादला आदेश कर रहे हैं जब नेरचौक मैडिकल कॉलेज में सीनियर असिस्टेंट के कुल स्वीकृत 10 पदों पर पहले से ही तैनाती की जा चुकी है। हैरान करने वाली बात यह है कि निदेशक मैडिकल हैल्थ ने मैडिकल एजुकेशन में जो तबादला आदेश किए हैं वह खाली पद पर किए हैं जबकि पद कोई खाली है ही नहीं। सोने पर सुहागा यह है कि यह तबादला आदेश नेरचौक नर्सिंग कॉलेज के लिए किए गए हैं और ज्वाइनिंग प्रिंसिपल मैडिकल कॉलेज के कार्यालय ने ली है। सवाल यह है कि जब कर्मचारियों का कैडर अलग है और मैडिकल विभाग में दो निदेशक बनाए जा चुके हैं तो फिर निदेशक हैल्थ किस कैपेसिटी में मैडिकल एजुकेशन विभाग में तबादला आदेश कर रहे हैं।
11 वें की पगार कहां से आएगी?
नेरचौक मैडिकल कॉलेज के कैडर में सीनियर असिस्टेंट के कुल 10 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 8 पद मैडिकल कॉलेज में हैं और दो पद नर्सिंग कॉलेज में हैं। इस बीच 11 वां तबादला करवाकर मैडिकल कॉलेज में ज्वाइन भी कर चुका है। ऐसे में सवाल यह है कि 11 वें सीनियर असिस्टेंट को पगार कहां से मिलेगी और कौन सा निदेशक तथा डीडीओ पगार मुहैया करवाएगा। हिमाचल हाईकोर्ट ने पहले ही यह साफ कर रखा है कि स्वीकृत पदों पर तैनात कर्मचारियों को ही पगार दी जा सकती है। इसी तरह का एक मामला अभी भी हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में विचाराधीन भी है। विपिन गुलेरिया बनाम हिमाचल सरकार के मामले में सरकार को ऐसी ही स्थिति में क्या किया जा रहा है के संबंध में शपथपत्र दाखिल करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे में लाख टके का सवाल यह भी है क्या इन तबादला आदेशों के कारण नेरचौक मैडिकल कॉलेज में पड़ी भूसल नाटी के लिए जिम्मेदार अधिकारी की जबावदेही भी तय हो पाएगी?
किसने दी खाली पद की झूठी जानकारी?
नेरचौक मैडिकल कॉलेज में सीनियर असिस्टेंट का पद खाली है? इसकी जानकारी किसने निदेशक हैल्थ को दी है। यह सवाल अब यक्ष हो गया है। खाली पद होने की जानकारी के कारण ही निदेशक हैल्थ ने निदेशक मैडिकल एजुकेशन में हस्तक्षेप करते हुए एक सीनियर असिस्टेंट के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं।
सच से कौन कर रहा किनारा?
नेरचौक मैडिकल कॉलेज में हुए इस तबादले के बाद सुगबुगाहट तेज हो गई बाबजूद इसके इस सच को किनारे कर यह कहा जा रहा है कि जो पहले जानकारी दे दी गई है वह सही है और इसके बाद निदेशक को सीनियर असिस्टेंट के पदों के संबंध में कोई नई जानकारी नहीं दी जाएगी।
कटघरे में हैल्थ डिपार्मेंट।
नेरचौक मैडिकल कॉलेज में एक तबादला आदेशों ने विभाग की कार्यपणाली को ही सवालों के घेरे में ला दिया है। ऐसे में कुछ सवाल ऐसे हैं जो जबाब ढूंढ रहे हैं।
1. क्या सीनियर असिस्टेंट के पदों के बारे में निदेशक को ग़लत जानकारी दी गई?
2. क्या नेरचौक मैडिकल कॉलेज के किसी बड़े अधिकारी को गुमराह कर पंहुच का इस्तेमाल कर तबादला आदेश करवाए गए?
3. क्या नर्सिंग कॉलेज के लिए हुए तबादले की ज्वाइनिंग मैडिकल कॉलेज के साहब ले सकते हैं?
4. क्या अंधेरगर्दी का बोलबाला हैल्थ डिपार्मेंट में है और उसी कारण विभाग की हैल्थ खराब हो रही है?
5. क्या दो निदेशक और कर्मचारियों के दो कैडर करना ही इस भूसल नाटी की असल वजह है?




