
रूपलाल चौधरी, पब्लिक फोकस शिमला।
चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले की जांच अब CBI करेगी। हिमाचल पुलिस की जांच को किनारे करते हुए हिमाचल हाईकोर्ट ने यह मामला CBI को सौंप दी है। सुक्खू सरकार की गले की फांस बना यह मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर गया है। पुलिस के दो आलाधिकारियों के बीच नेगी मौत मामले में सामने आए टकराव को भी हाईकोर्ट ने हल्के में नहीं लिया है और इस पर भी तल्ख तेवर अपनाए हैं। हाईकोर्ट ने नेगी मौत मामले में CBI को भी हिदायत जारी कर दी है कि जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हिमाचल से संबंधित किसी भी अधिकारी को जांच के लिए नियुक्त ना किया जाए। हिमाचल हाईकोर्ट ने CBI को जांच का जिम्मा सौंपते हुए पहली बार राज्य के किसी भी अधिकारी को जांच में शामिल ना करने के आदेश दिए हैं। हिमाचल पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की रहस्यमयी मौत के मामले में अब सीबीआई जांच करेगी। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए जांच को सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है। यह निर्णय न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने सुनाया। यह फैसला विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी द्वारा दायर याचिका के आधार पर सुनाया गया है। मृतक की पत्नी ने ही पुलिस की जांच पर असंतोष जताते हुए केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग की थी।
अचानक लापता हुए थे विमल नेगी।
विमल नेगी 10 मार्च को अचानक लापता हो गए थे और आठ दिन बाद उनका शव गोबिंद सागर झील से बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद परिजनों ने इसे हत्या करार देते हुए रातभर शिमला में प्रदर्शन भी किया था। मामले को तुल पकड़ता देख सरकार के तीन मंत्री मौके पर पहुंचे थे और निष्पक्ष जांच का आश्वासन भी दिया गया था। इस मामले की जांच पुलिस और प्रशासनिक तौर पर की जा रही है।
दो साहबों पर हुई है FIR !
सरकार ने तत्कालीन पावर कॉरपोरेशन निदेशक देशराज को निलंबित कर दिया और प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा को पद से हटा दिया। शिमला पुलिस ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। देशराज को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है जबकि मीणा को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी।
DGP ने SIT जांच पर उठाए सवाल तो कोर्ट ने लिया संज्ञान-
नेगी मौत मामले की सुनवाई में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा ने अदालत में दाखिल हलफनामे में एसआईटी की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा था कि एसआईटी जान बूझकर मामले को आत्महत्या की ओर मोड़ रही है।
SP शिमला ने CBI को जांच सौंपने से किया इंकार।
शिमला के एसपी संजीव गांधी व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुए थे। उन्होंने अदालत को बताया कि एसआईटी ईमानदारी से जांच कर रही है। मामले से जुड़ी एक पेन ड्राइव फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि यह मामला सीबीआई को न सौंपा जाए ताकि राज्य पुलिस का मनोबल बना रहे।




