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सरकारी अधिकारी पब्लिक सर्वेंट, शासक बनने की भूल ना करें!

पब्लिक फोकस, शिमला।

लोक निमाण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह अपनी बात पर अडिग है। उन्होंने दोहराया कि पब्लिक सर्वेंट शासक बनने की भूल ना करें, अगर करते है तो उनको हम याद दिलाते रहेंगे। यह हमारा दायित्व है और इसका निर्वहन करने से कभी पीछे नहीं हटेंगे। विक्रमादित्य सिंह गुरूवार को शिमला में आयोजित पत्रकारवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुका हंू कि हम सबका सम्मान करते है। संवैधानिक ढांचे के तहत आईपीएस या फिर आईएएस अधिकारी हिमाचल में आते है, उनका दिल की गहराईयों से सम्मान करते है। बकौल विक्रमादित्य सिंह हमें सर्विसेज को सबसे उपर रखना है और यह जहन में रखना है कि जनसेवा सबसे उपर है।

आवाज उठाना जरूरी।

उन्होंने कहा कि उसमें कहीं ना कहीं हमें समझौता होते हुए दिख रहा है, तो निशिचित तौर पर एक जनप्रतिनिधि होने के नाते आवाज उठाना हमारा दायित्व है। इसलिए हम इस कुर्सी पर है और प्रदेश की जनता ने चुना है कि अगर कोई कमियां दिख रही है या इस तरह की चीज जहन में आ रही है, तो उसको हमें उठाना है। उन्होंने कहा कि मैं बिलकुल साफ शब्दों में कहना चाहता हंू कि हम किसी से टकराव नहीं करना चाहता, सबका अपना-अपना दायित्व और जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक दूसरे में जब ओवर लेपिंग होने शुरू हो जाती है, तो वो एक खतरे की बात होती है और उस परिपेक्ष्य में बात कही ं है। ओवर लेपिंग शुरू हो जाता है एक से दूसरे में , वो एक खतरे की बात होती है, उसी परिपेक्ष्य में यह बात कही है तथा बिलकुल साफ कहीं हैऔर आज भी अपनी बात पर अडिंग हूं।

हिमाचल हित की बात करूंगा, कुर्सी की रखवाली नहीं- 

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जहां तक हिमाचल प्रदेश के हितों की बात है, मैं उस पर अपनी आवाज को उठाउंगा। कुर्सी पर हूं या फिर नहीं भी हूं, मेरा दाायित्व है और जिम्मेदारी है। उन्होंने फिर दोहराया कि कोई भी पब्लिक सर्वेंट अपने को शासक बनने की भूल ना करें और करेगा तो उसका याद दिलाते रहेंगे। यह हमारा दात्यिव है और इस निर्वहन से कभी पीछे नहीं हटेंगे।

संस्कारों से समझौता नहीं- 

विक्रमादित्य सिंह ने एक सवाल के जबाव में कहा कि मैं किसी के साथ विवाद नहीं रखना चाहता हूं। मैंने कल भी कहा कि उम्र,रूतबे और कद में सबसे छोटा हूं । सबसे अच्छी चीज सीखना चाहता हूं और हम उनके अच्छे गुण लेने की कोशिश करते है। पब्लिक लाईफ में भी यहीं होना चाहिए, मगर सिद्वांत और जो मुझे संस्कार मिले है उनके साथ मैं समझौता नहीं कर सकता, क्योंकि उससे व्यक्ति की पहचान प्राप्त होती है। प्रदेश के लिए जो हमारी सोच है, उसके साथ कभी भी समझौता नहीं करूंगा।

आईपीएस को दिखाया आइना- 

पीडब्लयूटी मिनिस्टर ने आईएएस व आईपीएस एसोशिएसन के ब्यान पर कहा कि वह सबका उच्च सम्मान करते है। बकौल विक्रमादित्य सिंह मेरे पास पहले भी कोई आईपीएस आफिसर नहीं था और हिमाचल प्रदेश के लोग इतने भी कमजोर नहीं है, कि उनको किसी सुरक्षा की आवश्यकता होगी। मैं तो बिना पुलिस सुरक्षा के भी रह सकता हंू, मेरे पास प्रदेश के लोगों का समर्थन, प्यार और आर्शीवाद है, वो मेरी सबसे बड़ी सुरक्षा है। जो बिड्रा करना है, वह कर सकते है।

नहीं करना चाहता विवादित टिप्पणी- 

एक सवाल के जवाब में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जिस मंच पर उप-मुख्यमंत्री ने मामले को उठाया, उससे तो यह छोटा प्लेटफार्म था। उन्होंने तो सार्वजनिक मंच के उपर इस बात को उठाया है। मैं सबका सम्मान करता हंू और किसी के उपर विवादित टिप्पणी नहीं करना चाहता हंू। इस विषय को जहां पर भी होगा, मैं उठाता रहंूगा।

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