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बीस साल से आईआरडीपी में रहने वालों को पक्का घर

सुक्खू सरकार देगी 27 हजार लोगों को छत

पब्लिक फोकस, शिमला।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां पंचायती राज विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के उन पात्र ग़रीब परिवारों को पक्के मकान की सुविधा उपलब्ध करवाएगी, जो अभी भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित आवास केवल एक बुनियादी आवश्यकता ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए ठोस क़दम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिनिर्धन परिवारों (पूअरेस्ट ऑफ द पूअर) के चयन के लिए किए गए सर्वेक्षण के प्रथम चरण में 27,715 परिवारों को शामिल किया गया है। ये वह परिवार हैं जो पिछले 20 वर्षों से आईआरडीपी में शामिल थे, परन्तु उन्हें अभी तक पक्का मकान नहीं मिला है। प्रथम चरण के सर्वेक्षण में आय सीमा 50 हज़ार रुपये निर्धारित की गई थी। इसमें उन लोगों को शामिल नहीं किया गया था जिनके पास पक्का घर उपलब्ध है। सर्वे के द्वितीय चरण में उन परिवारों को भी शामिल किया गया है जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं। इस सर्वे के बाद 35,355 अतिरिक्त परिवार अतिनिर्धन श्रेणी में जोड़े गए हैं और अब इन परिवारों की कुल संख्या 63,070 हो गई है।
उन्होंने कहा कि तीसरे चरण में निर्धन परिवारों की श्रेणी में अनाथ, दिव्यांग और विधवाओं को भी शामिल किया जाएगा, जिससे इन परिवारों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी। यह सर्वेक्षण चौथे और पांचवें चरण में भी किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को इस सूची में शामिल किया जा सके। चयन प्रक्रिया का हर चरण में उदारीकरण कर मापदण्डों में छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार आईआरडीपी से बाहर नहीं रहेगा।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायती राज विभाग को सुदृढ़ करने के लिए रिक्त पदों प्राथमिकता के आधार पर भरेगी। पंचायतों में कनिष्ठ अभियन्ताओं के पद भी भरे जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार सामाजिक अधिकारिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। समाज के वंचित, उपेक्षित और कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से कार्यान्वित की जा रही हैं।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग़रीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन स्तर उपलब्ध करवाना है। मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल और आजीविका के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता जनहित है और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की मूल भावना है।
इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवीनीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव पंचायती राज सी. पालरासु, निदेशक पंचायती राज राघव शर्मा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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