
पब्लिक फोकस शिमला।
कोटखाई में पति पत्नी के रिश्तों में आई खाई ने मौत का रूप ले लिया। यहां पति ने डंडे से पिटाई कर पत्नी को ही मौत के घाट उतार दिया है। डंडे के प्रहार से पत्नी के जीवन की डोर टूट गई है और रितेश लहुलुहान होकर मांग में भरा सिंदूर एकाएक खून में बदल गया। 56 साल जीत बहादुर ने अपनी बुजदिली का ऐसा परिचय दिया कि 50 साल की दीपा के जीवन का दीपक ही बुझ गया। दंपति मूल रुप से नेपाल के रहने वाले थे और कोटखाई के बधों गांव में मजदूरी का काम करते थे। यहीं पर ही मजदूर शिवर में रहते हुए थे। बताया जा रहा है कि घरेलू विवाद के चलते 56 वर्षीय जीत बहादुर ने 50 वर्षीय पत्नी दीपा को लकड़ी की छड़ी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मामले की एफआईआर गांव के ही निवासी हरी कृष्ण धांटा के बयान पर दर्ज की गई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके यहां कार्यरत नेपाली मजदूर रमेश डांगी ने जानकारी दी कि पास ही स्थित राम धनी के डेरों में काम करने वाली दीपा अपने डेरे में अचेत अवस्था में पड़ी है और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं।
आरोपी ने कबूला जुर्म।
सूचना मिलने पर कोटखाई पुलिस मौके पर पहुंची और देखा कि दीपा का शव शिविर के अंदर पड़ा हुआ था। उसके शरीर पर गहरी चोटें, खरोंचें और सूखे खून के निशान साफ नजर आ रहे थे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और अन्य श्रमिकों से पूछताछ की। इसी दौरान दीपा के पति जीत बहादुर ने प्रारंभिक पूछताछ में ही जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि किसी बात को लेकर उसका और दीपा का झगड़ा हुआ था, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने लकड़ी की छड़ी से पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर दी। पिटाई इतनी गंभीर थी कि दीपा की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस कर रही है जांच।
पुलिस ने मौके से जुटाए साक्ष्यों और जीत बहादुर की स्वीकारोक्ति के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया है। शिमला के कार्यकारी पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।




