
जयपाल चौधरी, पब्लिक फोकस शिमला।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चल रही लाबिंग के बीच सुक्खू सरकार के PWD मंत्री ने यह कहते हुए सियासी तीर चला दिया है कि सरदार रबर स्टैम्प नहीं होना चाहिए। कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में एक दूसरे को निपटाने की होड़ इस कद्र हावी हुई है कि हर बड़ा चेहरा अपने सिहपेसलार को अध्यक्ष बनाने के लिए जोड़ तोड़ के समीकरणों को अपने पक्षों में करने में लगा हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष के लिए दिल्ली तक उछल कूद जारी है और हाईकमान की कमान से किसी का नाम छूटे उससे पहले ही PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रबर स्टैम्प अध्यक्ष को नकार दिया है। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने की चर्चाओं के बीच PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि किसी रबड़ स्टांप को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया जाना चाहिए। मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कार्यकारणी के पुनर्गठन का अंतिम निर्णय केंद्र नेतृत्व को लेना है। स्वाभाविक रूप से प्रदेश में जल्द संगठन पुनर्गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का पद मजबूत नेतृत्व का होना चाहिए। किसी रबड़ स्टंप को अध्यक्ष बनाना संगठन के हित में ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा किसी दमदार व्यक्ति को संगठन की कमान सौंपी जानी चाहिए, जिसकी व्यक्तिगत रूप से भी 3 से 4 जिलों में पकड़ हो। कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए सभी ने प्रयास किया था ऐसे में अब रबर स्टैम्प अध्यक्ष पार्टी को मजबूत बनाने में कितनी भूमिका निभा पाएगा वह भी उस सूरत में जब रबर स्टैम्प की कोई मूर्त है ही नहीं।




