
पब्लिक फोकस शिमला।
इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में उलझे तीन बड़े अधिकारियों पर गाज गिर गई है। तीनों को ही सुक्खू सरकार ने छुट्टी पर भेज दिया है। इस घटनाक्रम के बीच DGP का दायित्व अशोक तिवारी को सौंपा गया है। इसके अलावा ACS औंकार शर्मा से सभी विभाग सरकार ने वापस ले लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डीजीपी, एसपी और एसीएस पर बड़ी कार्रवाई की है। विमल नेगी मौत की जांच मामले में तीनों अधिकारियों की रिपोर्ट अलग-अलग थी। अफसरों पर यह कार्रवाई किस आधार पर की गई है, यह तो अभी पता नहीं चला लेकिन सूत्रों के अनुसार सरकार ने डीजीपी और एसपी को छुट्टी पर भेज दिया है। एसीएस ओंकार शर्मा से सभी विभाग वापस ले लिए। विमल नेगी केस को लेकर डीजीपी और एसपी के बीच विवाद सामने आया था। एसपी संजीव गांधी ने प्रेस काफ्रेंस कर डीजपी अतुल वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे, मुख्यमंत्री इस दौरान दिल्ली में थे और कल ही दिल्ली से लौटकर आए मुख्यमंत्री ने पूरी मामले की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कल ही कहा था कि अनुशासन हीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।

हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने विमल नेगी मौत मामले की जांच के बाद चर्चा में आए हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक डॉक्टर अतुल वर्मा और शिमला के एसपी संजीव गांधी को जबरन छुट्टी पर भेज दिया है। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने इन तीनों ही अधिकारियों को जबरन छुट्टी पर भेजे जाने के सरकार के फैसले की पुष्टि की है।
गौरतलब है कि विमल नेगी मौत मामले में अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रदेश पुलिस महानिदेशक और एसपी शिमला ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में अलग-अलग जांच रिपोर्ट और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी। यही नहीं एसपी शिमला ने इस मामले में हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक पर प्रदेश हाईकोर्ट में ही कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने एसपी शिमला को अदालत में ही कड़ी फटकार लगाई थी और प्रदेश पुलिस में चल रही अंदरूनी लड़ाई का भी जिक्र किया था। इस सारे प्रकरण के बाद हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने विमल नेगी मौत मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश पारित किया था ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।




