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Exclusive Breaking…सालों से मम्मी पापा के इंतजार में अंश और सुखदेव, बस अब 60 दिन और होगा इंतजार।

सात सालों से अंश की आंखें ढूंढ रही अपने, चार सालों से सुखदेव भी निहार रहा राह!

दिनेश भोगल पब्लिक फोकस हमीरपुर।

बुढ़ापे में बच्चों को तो अपने माता-पिता से किनारा करते अक्सर सभी ने देखा है लेकिन यहां मामला जरा हटके है। यहां दो बच्चों को मां बाप ने ही छोड़ दिया है और सालों से यह बच्चे सुजानपुर में इस उम्मीद के साथ रह रहे हैं कि आज नहीं तो कल उनके माता-पिता मिलने आएंगे और सीने से लगाकर घर वापस लेकर जाएंगे लेकिन अभी तक इन बच्चों की पत्थराई आंखों को मां बाप की सूरत नज़र नहीं आई है। सुजानपुर बाल आश्रम में रह रहे इन दोनों लड़कों को अब किसी को गोद देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सात सालों से अंश और चार सालों से सुखदेव अपनों का इंतजार कर रहे हैं। इस समाज में आमतौर पर बेटियों के पैदा होते ही मां बाप द्वारा मुंह मोड़ने के मामले सामने आते ही रहते हैं लेकिन हमीरपुर में दो बेटों को ही लावारिस छोड़ देने का मामला अब दूसरों को गोद देने की ओर बढ़ रहा है।

लावारिस बच्चों के परिजन सामने नहीं आए तो शुरू होगी गोद लेने की प्रक्रिया जिला बाल संरक्षण अधिकारी तिलक राज आचार्य ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व लावारिस अवस्था में मिले तथा बाल आश्रम सुजानपुर में रखे गए दो बच्चों के परिजन अगर सामने नहीं आते हैं तो जिला बाल कल्याण समिति इन्हें 60 दिन के बाद गोद लेने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र कर देगी।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि 3 जून 2017 को अंश नाम का बालक बाल कल्याण समिति चंडीगढ़ को लावारिस अवस्था में मिला था। इस बालक को चंडीगढ़ पुलिस की सहायता से बाल आश्रम सुजानपुर भेजा गया था। इस बालक को पारिवारिक देखरेख के लिए एक परिवार में दिया गया है। परंतु आज दिन तक इस बालक से मिलने कोई भी रिश्तेदार नहीं आया। बालक अपना नाम अंश बताता है। तिलक राज आचार्य ने बताया कि इसकी उम्र लगभग 14 साल, रंग सांवला, लंबाई पांच फुट 6 इंच है तथा वह हिंदी भाषा की जानकारी रखता है।

दूसरा बच्चा सुखदेव (सुनील) 29 मई 2021 को ऊना में लावारिस अवस्था में मिला था। इस बालक को ऊना पुलिस और जिला बाल कल्याण समिति की सहायता से बाल आश्रम सुजानपुर भेजा गया था। परंतु आज दिन तक इस बालक से मिलने कोई भी रिश्तेदार नहीं आया। बालक अपना नाम सुखदेव बताता है, जिसकी उम्र 14 साल, रंग- सांवला, लंबाई पांच फुट चार इंच है तथा वह हिंदी भाषा की जानकारी रखता है।

बेटे लेने हैं गोद तो करो बात!

जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि इन बालकों के जैविक माता-पिता या अभिभावक इन्हें लेना चाहते हैं तो वे 60 दिन के भीतर जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) के दूरभाष नंबर 01972-223344 या जिला कार्यक्रम अधिकारी के दूरभाष नंबर 01972-225085 पर संपर्क करके तथा अपनी पहचान स्वरूप दस्तावेज दिखाकर इन्हें ले जा सकते हैं।

इस अवधि के दौरान अगर इन बच्चों का कोई भी परिजन या रिश्तेदार सामने नहीं आता है तो जिला बाल कल्याण समिति हमीरपुर इन्हें कानूनी रूप से स्वतंत्र कर देगी, ताकि इन्हें गोद लिया जा सके।

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