हिमाचल

साहब सीखने लगे सड़क दुघर्टना के आंकड़े इकट्ठे करना!

पब्लिक फोकस धर्मशाला।

कांगड़ा में एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस एवं डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट पर एक व्यापक कार्यशाला एवं प्रशिक्षण सत्र की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनीष सोनी ने कहा कि यह कार्यशाला जिला स्तर पर अधिकारियों को सड़क दुर्घटना से संबंधित डेटा की सटीक प्रविष्टि और रिपोर्टिंग हेतु प्रशिक्षित करने के लिए आयोजित की जा रही है।

इसमें पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, हिमाचल पथ परिवहन निगम, एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। ये विभाग प्रणाली के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिसका उद्देश्य डेटा-आधारित निर्णयों के माध्यम से देशभर में सड़क सुरक्षा में सुधार करना है। कार्यशाला के दौरान एकीकृत सड़क दुर्घटना डिटेल एक्सीडेंट परियोजना की प्रमुख विशेषताओं एवं लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना, भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की एक पहल है, जिसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और एनआईसीएसआई द्वारा डिजाइन, विकसित और लागू किया गया है। इसका उद्देश्य एक एकीकृत और विश्वसनीय सड़क दुर्घटना डेटा संग्रह प्रणाली तैयार करना है, जिससे दुर्घटनाओं का विश्लेषण कर निवारक कदम उठाए जा सकें। इस प्रणाली के तहत पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एवं लोक निर्माण विभाग जैसे चार प्रमुख हितधारक विभागों को जोड़ा गया है।यह पहल भारत सरकार की प्रौद्योगिकी आधारित सड़क सुरक्षा और पंजीकरण प्रणाली को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनीष कुमार सोनी ने कहा कि वाहनों में उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट्स लगाने के लिए पहले चरण में तीस मई तक तथा दूसरे चरण में नौ जून से 17 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। यदि कोई वाहन मालिक उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट्स लगाने से इंकार करता है ताकि उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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